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How to Setup a Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit?

How to Setup a Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit?

Setting up a Weaving, Processing, and Garment Manufacturing Unit is a profitable business opportunity due to the ever-growing demand for textiles and apparel. India is one of the largest producers and exporters of textiles, making this a lucrative industry with government support, export potential, and domestic market demand.

1. Market Potential & Business Opportunity For Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit

High Demand: Apparel, home textiles, and industrial fabrics are always in demand.
Government Support: Incentives under ATUFS, PM-MITRA, and PLI schemes.
Export Potential: Strong international demand in the USA, Europe, and the Middle East.
Scalability: Start with small-scale production and expand to large-scale operations.

Target Customers

  • Domestic Garment Brands & Retailers (Raymond, Fabindia, Reliance Trends, etc.)
  • Export Markets (Europe, USA, UAE, etc.)
  • E-commerce Brands (Amazon, Flipkart, Myntra, Meesho)
  • Corporate & Institutional Buyers (Uniforms, hospitality, hospitals, etc.)
  • Government Procurement (Khadi & Village Industries, Defence, etc.)

2. Business Registration & Legal Compliance For Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit

Company Registration: Proprietorship, Partnership, LLP, or Pvt. Ltd.
MSME/Udyam Registration: To avail of government benefits and subsidies.
GST Registration: Mandatory for taxation and invoicing.
Factory License: If large-scale production is planned.
Pollution Control Board Clearance: Required for dyeing & processing units.
Import-Export Code (IEC): For exporting garments internationally.
Labour Laws Compliance: ESIC, PF, and wages regulation.

3. Land & Infrastructure Requirements

🏭 Land Requirement: 10,000 – 50,000 sq. ft. (depending on production scale).
Electricity Load: 50–500 kW based on automation level.
🔄 Ventilation & Storage: Separate areas for raw materials, processing, and finished goods.
🚚 Logistics & Transport Facility: For raw material supply and product distribution.

Layout of a Garment Manufacturing Unit:

1️⃣ Raw Material Storage Area
2️⃣ Weaving Section (Looms & Machines)
3️⃣ Processing & Dyeing Unit
4️⃣ Cutting & Stitching Department
5️⃣ Quality Checking & Packaging
6️⃣ Warehouse & Dispatch Unit

4. Required Machinery & Equipment

A. Weaving Machinery (Fabric Manufacturing)

Machine NameCost (₹ Approx.)
Power Loom/Automatic Looms₹5 – ₹50 Lakh/Piece
Rapier Looms & Air Jet Looms₹20 – ₹80 Lakh
Warping Machine₹10 – ₹30 Lakh

B. Processing Machinery (Dyeing & Finishing)

Machine NameCost (₹ Approx.)
Dyeing Machine₹10 – ₹50 Lakh
Printing Machine (Screen/Digital)₹15 – ₹70 Lakh
Fabric Finishing Machines₹5 – ₹20 Lakh

C. Garment Manufacturing Machinery

Machine NameCost (₹ Approx.)
Cutting Machines (Automatic/Manual)₹5 – ₹25 Lakh
Sewing Machines (Single Needle & Overlock)₹10,000 – ₹1 Lakh/Piece
Embroidery Machine₹5 – ₹20 Lakh
Ironing & Packaging Unit₹2 – ₹10 Lakh

💰 Total Machinery Cost: ₹50 Lakh – ₹5 Crore (based on automation & scale).

5. Raw Materials & Suppliers For Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit

📌 Main Raw Materials:
Fabrics: Cotton, Silk, Wool, Polyester, Rayon, Linen
Dyes & Chemicals: For fabric processing & printing
Zippers, Buttons, and Accessories for garment finishing
Threads & Embellishments

📦 Initial Raw Material Cost: ₹10 – ₹50 Lakh (depending on production volume).

6. Manufacturing Process

A. Weaving Process

1️⃣ Warping & Sizing: Yarn is prepared and treated for weaving.
2️⃣ Weaving: Power looms or automated looms create fabric from yarn.
3️⃣ Inspection: Quality control of woven fabric before dyeing.

B. Processing & Dyeing

4️⃣ Dyeing or Printing: Fabric is colored or printed with designs.
5️⃣ Finishing: Softening, shrinking, or special treatments for durability.

C. Garment Production

6️⃣ Fabric Cutting: Pattern cutting using automatic/manual machines.
7️⃣ Stitching & Embroidery: Sewing garments with designs.
8️⃣ Ironing & Quality Check: Final product finishing.
9️⃣ Packaging & Dispatch: Garments packed and shipped for sale.

7. Workforce & Hiring For Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit

👷 Machine Operators & Technicians – ₹10,000 – ₹25,000/month
👕 Tailors & Stitching Experts – ₹8,000 – ₹20,000/month
🛠️ Dyeing & Printing Experts – ₹15,000 – ₹30,000/month
📊 Quality Control & Supervisors – ₹20,000 – ₹50,000/month
📦 Packaging & Warehouse Staff – ₹8,000 – ₹15,000/month
📋 Sales & Marketing Team – ₹25,000 – ₹60,000/month

👥 Total Workforce Required: 20 – 200 employees (based on production scale).

8. Branding & Marketing Strategy For Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit

📦 Branding: High-quality packaging, private labeling for exports.
🌐 Sales Channels:

  • B2B Sales: Sell to wholesalers, garment retailers, fashion brands.
  • E-commerce: Sell on Amazon, Flipkart, Myntra, Meesho, own website.
  • Exports: Partner with export buyers, international brands.
    📣 Marketing:
  • Social media advertising.
  • Textile exhibitions, trade fairs.
  • Influencer marketing & digital branding.

9. Estimated Investment & Cost Breakdown For Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit

Expense CategorySmall Scale (₹ Lakh)Medium Scale (₹ Lakh)Large Scale (₹ Crore)
Land & Infrastructure20 – 5050 – 1005 – 20
Machinery & Equipment50 – 1001 – 2 Cr5 – 10 Cr
Raw Materials (Initial Stock)10 – 5050 – 1002 – 5 Cr
Working Capital (6 Months)20 – 5050 – 1005 – 10 Cr
Total Estimated Investment₹1 – ₹3 Crore₹3 – ₹8 Crore₹10 – ₹50 Crore

10. Government Subsidies & Loans For Plant of Weaving, Processing & Garments Mfg. Unit

ATUFS (Amended Technology Upgradation Fund Scheme) – Capital Subsidy
PM-MITRA Scheme – Mega Textile Parks for large-scale manufacturing
PLI Scheme for Textile Industry – Incentives for high-value products
Mudra & MSME Loans – Loan assistance for small businesses
Export Promotion Schemes – Duty drawbacks & export benefits

विविंग, प्रोसेसिंग और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट एक लाभकारी व्यवसाय है क्योंकि कपड़ा और वस्त्र उद्योग में हमेशा डिमांड रहती है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वस्त्र उत्पादक और निर्यातक देश है, जिससे यह उद्योग एक बहुत अच्छा निवेश विकल्प बन जाता है। इसके साथ ही सरकार भी इस क्षेत्र में विभिन्न योजनाएं और सब्सिडी प्रदान करती है

1. मार्केट पोटेंशियल और व्यापार अवसर

बड़ी डिमांड: घरेलू बाजार में वस्त्रों, गारमेंट्स और होम टेक्सटाइल्स की भारी मांग।
सरकारी सहायता: ATUFS, PM-MITRA, और PLI योजनाओं के तहत लाभ।
निर्यात अवसर: यूरोप, अमेरिका और मध्य-पूर्व देशों में मजबूत निर्यात संभावनाएं।
विस्तार की क्षमता: छोटे पैमाने से बड़े पैमाने तक उत्पादन का विस्तार संभव।

लक्ष्य ग्राहक

  • घरेलू गारमेंट ब्रांड और रिटेलर्स (Raymond, Fabindia, Reliance Trends, आदि)।
  • निर्यात बाजार (यूएसए, यूरोप, यूएई, आदि)।
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (Amazon, Flipkart, Myntra, Meesho)।
  • कॉर्पोरेट और संस्थागत खरीदार (यूनिफॉर्म, हॉस्पिटैलिटी, अस्पताल, आदि)।
  • सरकारी खरीद (खादी ग्रामोद्योग, रक्षा, आदि)।

2. व्यापार पंजीकरण और कानूनी प्रक्रिया

कंपनी पंजीकरण: एकल स्वामित्व, साझेदारी, LLP, या प्राइवेट लिमिटेड।
MSME/Udyam पंजीकरण: सरकारी लाभ और सब्सिडी प्राप्त करने के लिए।
GST पंजीकरण: कराधान और बिलिंग के लिए अनिवार्य।
फैक्टरी लाइसेंस: यदि बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्लियरेंस: डाईंग और प्रोसेसिंग यूनिट के लिए आवश्यक।
इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कोड (IEC): अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए।
श्रम कानूनों का पालन: ESIC, PF और वेतन नियमों का पालन।

3. भूमि और इंफ्रास्ट्रक्चर आवश्यकताएँ

🏭 भूमि आवश्यकता: 10,000 – 50,000 वर्ग फुट (निर्माण क्षमता पर निर्भर)।
बिजली लोड: 50 – 500 kW (स्वचालन और उत्पादन स्तर के अनुसार)।
🔄 हवादार और स्टोरज सुविधा: कच्चे माल, प्रोसेसिंग, और तैयार माल के लिए अलग-अलग स्थान।
🚚 परिवहन और वितरण सुविधा: कच्चे माल की आपूर्ति और उत्पाद वितरण के लिए।

गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का लेआउट:

1️⃣ कच्चे माल का भंडारण क्षेत्र
2️⃣ विविंग सेक्शन (लूम और मशीनें)
3️⃣ प्रोसेसिंग और डाईंग यूनिट
4️⃣ कटिंग और स्टिचिंग विभाग
5️⃣ गुणवत्ता जांच और पैकिंग
6️⃣ गोडाउन और डिस्पैच यूनिट

4. आवश्यक मशीनरी और उपकरण

A. विविंग (फैब्रिक निर्माण) मशीनरी

मशीन का नामलागत (₹ Approx.)
पावर लूम/ऑटोमेटिक लूम्स₹5 लाख – ₹50 लाख/पीस
रेपियर लूम्स और एयर जेट लूम्स₹20 लाख – ₹80 लाख
वार्पिंग मशीन₹10 लाख – ₹30 लाख

B. प्रोसेसिंग मशीनरी (डाईंग और फिनिशिंग)

मशीन का नामलागत (₹ Approx.)
डाईंग मशीन₹10 लाख – ₹50 लाख
प्रिंटिंग मशीन (स्क्रीन/डिजिटल)₹15 लाख – ₹70 लाख
फैब्रिक फिनिशिंग मशीनें₹5 लाख – ₹20 लाख

C. गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी

मशीन का नामलागत (₹ Approx.)
कटिंग मशीन (ऑटोमेटिक/मैन्युअल)₹5 लाख – ₹25 लाख
सिलाई मशीन (सिंगल नीडल और ओवरलॉक)₹10,000 – ₹1 लाख/पीस
एंब्रॉयडरी मशीन₹5 लाख – ₹20 लाख
इस्त्री और पैकिंग यूनिट₹2 लाख – ₹10 लाख

💰 कुल मशीनरी लागत: ₹50 लाख – ₹5 करोड़ (स्वचालन और उत्पादन स्तर के अनुसार)।

5. कच्चे माल और आपूर्तिकर्ता

📌 मुख्य कच्चे माल:
फैब्रिक्स: कॉटन, सिल्क, ऊन, पॉलिएस्टर, रेशम, लिनन
डाई और रसायन: फैब्रिक प्रोसेसिंग और प्रिंटिंग के लिए
जिप्पर, बटन और अन्य एक्सेसरीज़ गारमेंट फिनिशिंग के लिए
सिलाई धागे और एंब्रॉयडरी सामान

📦 प्रारंभिक कच्चे माल की लागत: ₹10 लाख – ₹50 लाख (निर्माण क्षमता पर निर्भर)।

6. निर्माण प्रक्रिया

A. विविंग प्रक्रिया

1️⃣ वार्पिंग और साइजिंग: यार्न को तैयार और उपचारित किया जाता है।
2️⃣ विविंग: पावर लूम्स या ऑटोमेटेड लूम्स द्वारा यार्न से फैब्रिक तैयार किया जाता है।
3️⃣ इंस्पेक्शन: डाईंग से पहले फैब्रिक की गुणवत्ता जांच।

B. प्रोसेसिंग और डाईंग

4️⃣ डाईंग या प्रिंटिंग: फैब्रिक को रंगा या प्रिंट किया जाता है।
5️⃣ फिनिशिंग: फैब्रिक को मुलायम, सिकोड़ने या विशेष उपचार के लिए फिनिश किया जाता है।

C. गारमेंट उत्पादन

6️⃣ फैब्रिक कटिंग: पैटर्न के अनुसार फैब्रिक काटा जाता है।
7️⃣ सिलाई और एंब्रॉयडरी: गारमेंट्स को सिला और डिज़ाइन किया जाता है।
8️⃣ इस्त्री और गुणवत्ता चेक: अंतिम उत्पाद की फिनिशिंग।
9️⃣ पैकिंग और डिस्पैच: गारमेंट्स को पैक करके भेजा जाता है।

7. जनशक्ति और कर्मचारियों की भर्ती

👷 मशीन ऑपरेटर और टेक्नीशियन – ₹10,000 – ₹25,000/महीना
👕 टेलर्स और सिलाई विशेषज्ञ – ₹8,000 – ₹20,000/महीना
🛠️ डाईंग और प्रिंटिंग विशेषज्ञ – ₹15,000 – ₹30,000/महीना
📊 गुणवत्ता नियंत्रण और पर्यवेक्षक – ₹20,000 – ₹50,000/महीना
📦 पैकिंग और गोदाम कर्मचारी – ₹8,000 – ₹15,000/महीना
📋 विपणन और बिक्री टीम – ₹25,000 – ₹60,000/महीना

👥 कुल कर्मचारियों की आवश्यकता: 20 – 200 कर्मचारी (उत्पादन क्षमता के अनुसार)।

8. ब्रांडिंग और विपणन रणनीति

📦 ब्रांडिंग: उच्च गुणवत्ता वाली पैकिंग, निजी लेबलिंग।
🌐 विपणन चैनल:

  • B2B बिक्री: थोक विक्रेताओं, गारमेंट रिटेलर्स, फैशन ब्रांड्स को बेचना।
  • ई-कॉमर्स: Amazon, Flipkart, Myntra, Meesho, अपनी वेबसाइट पर बिक्री।
  • निर्यात: निर्यात खरीदारों, अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के साथ साझेदारी।
    📣 विपणन:
  • सोशल मीडिया विज्ञापन।
  • वस्त्र प्रदर्शनियां, व्यापार मेलों में भाग लें।
  • प्रभावशाली विपणन और डिजिटल ब्रांडिंग।

9. अनुमानित निवेश और लागत विवरण

खर्च श्रेणीछोटा पैमाना (₹ लाख)मध्यम पैमाना (₹ लाख)बड़ा पैमाना (₹ करोड़)
भूमि और इन्फ्रास्ट्रक्चर20 – 5050 – 1005 – 20
मशीनरी और उपकरण50 – 1001 – 2 करोड़5 – 10 करोड़
कच्चा माल (प्रारंभिक स्टॉक)10 – 5050 – 1002 – 5 करोड़
कार्यशील पूंजी (6 महीने)20 – 5050 – 1005 – 10 करोड़
कुल अनुमानित निवेश₹1 – ₹3 करोड़₹3 – ₹8 करोड़₹10 – ₹50 करोड़

10. सरकार द्वारा सहायता और सब्सिडी

ATUFS (आमूलित तकनीकी उन्नयन निधि योजना) – पूंजी सहायता
PM-MITRA योजना – मेगा वस्त्र पार्कों के लिए सहायता
PLI योजना – उच्च मूल्य वाले उत्पादों के लिए प्रोत्साहन
मुद्रा और MSME ऋण – छोटे व्यवसायों के लिए ऋण सहायता
निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं – ड्यूटी ड्रॉबैक और निर्यात लाभ

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